यह दुनिया में सबसे अनोखा बंधन है। माँ और पिता का प्रेम शाश्वत होता है, जो अपने संतान को हर कठिनाई में साथ देता है। यह प्रेम बातों से नहीं बल्कि आत्मा से जायकर तालमेल स्थापित करता है। माँ-बाप की कविता: प्रेम का विशिष्ट स्वरूप प्रकृति ने व्यक्ति को सबसे अनोखा सौगात दिया है - माँ-